राजपूत समाज के विकास व पतन के बिंदु।
"राजपूत नव निर्माण फाउंडेशन" जो की राजपूत समाज के विकास में कार्य कर रहा हैं। राजपूत समाज आज विकसा के साथ कुछ रूढ़िवादी विचारधाराओं से अभी भी उभर नही पाया हैं। समाज मे कई विचार धाराएं हैं। जिसमे कुछ अत्यंत आवश्यक हैं। तो कुछ विचारधारा समाज को कलंकित कर रही हैं। और कलंकित करती जा रही हैं। राजपूत समाज का अपना इतिहास रहा हैं। लेकिन आज राजपूत समाज एक बुरे दौर से गुजर रहा हैं। आज जो समाज सदियों से राज करने के साथ 36 कौम का रखवाला बनकर इतिहास में और अपना कार्य करता रहा लेकिन आज समय ऐसा आ गया हैं। कि समाज अपने आप स्वयम के बीच ऊंच नीच की लकीर खींच रहा हैं। जो कि वास्तविक रूप से समाज का पतन हैं। समाज मे सबसे बड़ा काला सच आज भी हैं। सबसे बड़ा काला सच हैं। दहेज प्रथा। समाज आज भी दो वर्गों में बंटा हुआ हैं। जिसमे ऊंचे राजपूत,रियासती राजपूत,धनपति राजपूत,समाज के अमीर राजपूत और समाज को अपने गुमान और रुतबे से बया करने वाला राजपूत। आज अगर कोई राजपूत नैतिक और सच्चई के साथ चलते हुए अगर समाज मे अपना जीवन जी रहा हैं। तो उसको समाज हैय दृष्टि से देखता हैं। नोक...

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