समाज सुधार नियम।

अब राजपूत समाज को सिर्फ और सिर्फ खानपान, रहनसहन,मर्यादा संस्कार और विचारों व अपनी महफ़िलो में।शराब और मांस को बंद करना होगा।
कुलदेवी और कुलदेव के साथ सतियो और भोमियो के साथ झुंझरो को रीति और नीतियों से पूजन करना जरूरी हैं।
राजपूत समाज को अब घमंड और अहम को किनारे रख कर अपने समाज को सिचना होगा। कभी भी अपने समाज को टूटने वाली गतिविधि न करे।

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