राजपूत समाज के विकास व पतन के बिंदु।
"राजपूत नव निर्माण फाउंडेशन" जो की राजपूत समाज के विकास में कार्य कर रहा हैं। राजपूत समाज आज विकसा के साथ कुछ रूढ़िवादी विचारधाराओं से अभी भी उभर नही पाया हैं।
समाज मे कई विचार धाराएं हैं। जिसमे कुछ अत्यंत आवश्यक हैं। तो कुछ विचारधारा समाज को कलंकित कर रही हैं। और कलंकित करती जा रही हैं।
राजपूत समाज का अपना इतिहास रहा हैं। लेकिन आज राजपूत समाज एक बुरे दौर से गुजर रहा हैं। आज जो समाज सदियों से राज करने के साथ 36 कौम का रखवाला बनकर इतिहास में और अपना कार्य करता रहा लेकिन आज समय ऐसा आ गया हैं। कि समाज अपने आप स्वयम के बीच ऊंच नीच की लकीर खींच रहा हैं। जो कि वास्तविक रूप से समाज का पतन हैं।
समाज मे सबसे बड़ा काला सच आज भी हैं। सबसे बड़ा काला सच हैं। दहेज प्रथा। समाज आज भी दो वर्गों में बंटा हुआ हैं। जिसमे ऊंचे राजपूत,रियासती राजपूत,धनपति राजपूत,समाज के अमीर राजपूत और समाज को अपने गुमान और रुतबे से बया करने वाला राजपूत।
आज अगर कोई राजपूत नैतिक और सच्चई के साथ चलते हुए अगर समाज मे अपना जीवन जी रहा हैं। तो उसको समाज हैय दृष्टि से देखता हैं।
नोकरी समाज मे एक दहेज प्रथा में कलंक का काम कर रहा हैं। समाज मे जब किसी की सरकारी नॉकरी लग जाती हैं। तो समाज के उन बच्चो की बोली समाज लगाता हैं। जिसमे समाज सरकारी नॉकरी वाले परिवार अपने रुतबे को बढ़ा मानकर नॉकरी लगे समाज के बच्चो के लिए लाखों रुपये का दहेज लेते हैं। जिसकी हेसियत मोटर साईकल की नही होती जिसके पास पेट्रोल के पैसे नही होते जिनके घर पर छत नही होती और जैसे ही नॉकरी लगती हैं। उन घरों पर टिका देने वालो का तांता लग जाता हैं। लोग उन घरों में बोलेरो और स्कोर्पियो व गाड़ियों के साथ साथ 20 से 30 तोला सोना, पांच पांच लाख टिका देते हैं। और जिनकी सरकारी नॉकरी लगी उनके माता पिता को तो सरकार ने उनके बेटे को सरकारी नॉकरी देकर समाज मे दादागिरी का मौका दे दिया हैं।
समाज के साथ साथ सरकारी विभागों और सरकार को अब एक ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि जिसकी भी सरकारी नॉकरी लगे उसकी तरफ से सरकार को एक सपथ पत्र भरवाना जरूरी हैं। जिसमे जिसकी सरकारी नॉकरी लगी हैं। उसने अगर दहेज,टिका, या किसी भी प्रकार से समाज मे कोई रूढ़िवादी रीतियों को बढ़ावा दिया तो उसको नॉकरी से निष्काषित किया जावे। शपथ पत्र के बाद भविष्य में भी दहेज व टिक्का प्रथा का कोई पुख्ता सबूत मिल गया तो जीवन के किसी भी मौड़ में नॉकरी से मिलने वाले सभी लाभों से वंचित किया जाए। इस व्यवस्था से समाज में ऊंच नीच की प्रथा खत्म होगी।
समाज भी नॉकरी लगने वाले परिवार को टिका और दहेज प्रथा से पाबंद करेगा। और शपथ पत्र द्वारा रोक लगाएगा।
समाज को अब आगे बढ़ कर दहेज और टिक्का प्रथा के साथ म्रत्यु भोज पर रोक लगानी चाहिए। ताकि गरीब व अमीरी का भेदभाव समाज मे खत्म हो।
"राजपूत नव निर्माण फाउंडेशन" इस मुहिम को राजपूत समाज के विकास के लिए गॉंव गांव ढाणी ढाणी पहुंचना और राजपूत समाज के विकास में सक्रिय कार्य किया जाएगा।
समाज मे कई विचार धाराएं हैं। जिसमे कुछ अत्यंत आवश्यक हैं। तो कुछ विचारधारा समाज को कलंकित कर रही हैं। और कलंकित करती जा रही हैं।
राजपूत समाज का अपना इतिहास रहा हैं। लेकिन आज राजपूत समाज एक बुरे दौर से गुजर रहा हैं। आज जो समाज सदियों से राज करने के साथ 36 कौम का रखवाला बनकर इतिहास में और अपना कार्य करता रहा लेकिन आज समय ऐसा आ गया हैं। कि समाज अपने आप स्वयम के बीच ऊंच नीच की लकीर खींच रहा हैं। जो कि वास्तविक रूप से समाज का पतन हैं।
समाज मे सबसे बड़ा काला सच आज भी हैं। सबसे बड़ा काला सच हैं। दहेज प्रथा। समाज आज भी दो वर्गों में बंटा हुआ हैं। जिसमे ऊंचे राजपूत,रियासती राजपूत,धनपति राजपूत,समाज के अमीर राजपूत और समाज को अपने गुमान और रुतबे से बया करने वाला राजपूत।
आज अगर कोई राजपूत नैतिक और सच्चई के साथ चलते हुए अगर समाज मे अपना जीवन जी रहा हैं। तो उसको समाज हैय दृष्टि से देखता हैं।
नोकरी समाज मे एक दहेज प्रथा में कलंक का काम कर रहा हैं। समाज मे जब किसी की सरकारी नॉकरी लग जाती हैं। तो समाज के उन बच्चो की बोली समाज लगाता हैं। जिसमे समाज सरकारी नॉकरी वाले परिवार अपने रुतबे को बढ़ा मानकर नॉकरी लगे समाज के बच्चो के लिए लाखों रुपये का दहेज लेते हैं। जिसकी हेसियत मोटर साईकल की नही होती जिसके पास पेट्रोल के पैसे नही होते जिनके घर पर छत नही होती और जैसे ही नॉकरी लगती हैं। उन घरों पर टिका देने वालो का तांता लग जाता हैं। लोग उन घरों में बोलेरो और स्कोर्पियो व गाड़ियों के साथ साथ 20 से 30 तोला सोना, पांच पांच लाख टिका देते हैं। और जिनकी सरकारी नॉकरी लगी उनके माता पिता को तो सरकार ने उनके बेटे को सरकारी नॉकरी देकर समाज मे दादागिरी का मौका दे दिया हैं।
समाज के साथ साथ सरकारी विभागों और सरकार को अब एक ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि जिसकी भी सरकारी नॉकरी लगे उसकी तरफ से सरकार को एक सपथ पत्र भरवाना जरूरी हैं। जिसमे जिसकी सरकारी नॉकरी लगी हैं। उसने अगर दहेज,टिका, या किसी भी प्रकार से समाज मे कोई रूढ़िवादी रीतियों को बढ़ावा दिया तो उसको नॉकरी से निष्काषित किया जावे। शपथ पत्र के बाद भविष्य में भी दहेज व टिक्का प्रथा का कोई पुख्ता सबूत मिल गया तो जीवन के किसी भी मौड़ में नॉकरी से मिलने वाले सभी लाभों से वंचित किया जाए। इस व्यवस्था से समाज में ऊंच नीच की प्रथा खत्म होगी।
समाज भी नॉकरी लगने वाले परिवार को टिका और दहेज प्रथा से पाबंद करेगा। और शपथ पत्र द्वारा रोक लगाएगा।
समाज को अब आगे बढ़ कर दहेज और टिक्का प्रथा के साथ म्रत्यु भोज पर रोक लगानी चाहिए। ताकि गरीब व अमीरी का भेदभाव समाज मे खत्म हो।
"राजपूत नव निर्माण फाउंडेशन" इस मुहिम को राजपूत समाज के विकास के लिए गॉंव गांव ढाणी ढाणी पहुंचना और राजपूत समाज के विकास में सक्रिय कार्य किया जाएगा।
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