नॉकरी समाज के लिए अभिशाप

नॉकरी करने वाले समाज के लिए अभिशाप। नॉकरी लगने वाला समाज को किया देता हैं। कुरीतियां। जिसका भुगतान समाज को भुगतना पड़ता हैं।
   समाज ने सदियों से रूढ़िवादी नीतियों और कुरीतियों का सामना किया जिसका कारण गलत नीतियां और धारणाएं हैं।हैं। समाज स्वयं एक शब्द जो कभी अपने आप अपना भला नही कर सकता। समाज कोई नई संस्था नही हैं। लेकिन समाज को कौन सुधारेग। समाज की जितनी भी संस्थाए हैं। उनका निर्माण ज्यादतर राजनैतिक पहुंच बनाने और पद रुतबा बनाने के लिए काम मे लिया जाता हैं।
  जब तक किसी भी सामाजिक संस्था का मुख्य मकसद समाज का हित और भला करने का नही हैं। समाज का सुधार नही हो सकता। समाज आज सहायता मांग रहा हैं। लेकिन समाज के पथ प्रदशक समाज को सिर्फ और सिर्फ राजनैतिक पहुंच के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
   मैने बचपन से लेकर आज तक समाज हित को महत्व दिया । जिसका खामियाजा मैने समाज में कई बार मह्सुश किया हैं। मैने ज्यादातर राजपूत नेताओ और समाज सेवा करने वाले समाज के नेताओ को सिर्फ एक ही रूप में पाया कि समाज का इस्तेमाल कहा कर सकते।
  समाज के नेताओ ने आज तक समाज सेवा नही समाज का इस्तेमाल किया हैं। तभी तो समाज आज इस दौर में खड़ा हैं। समाज को राजमहाराजाओ से लेकर ठाकुरो की गुलामी और जी हजूरी सबसे ज्यादा और अन्य समाजो से ज्यादा राजपूतो ने की। राजाओ ने और ठाकुरो ने भी राजपूत समाज के आम परिवार और समाज को अच्छी जमीन और व्यवस्था नही दी।
 जब राजाओ का राज गया तो अब नॉकरी प्रथा आ गयी जो आज का अभिशाप बन गयी। जिसका खामियाजा आज समाज भुगत रहा हैं।
   लेकिन अब समाज को इस दिखावे की दुनिया से बाहर आकर समाज को अब हकीकत के साथ चलना जरूरी हैं। नॉकरी ही हैं समाज का पतन। जब किसी की नॉकरी लग जाती हैं। तो वो अपने आप को समाज का खुदा मान बैठता हैं। कारण सिर्फ ये हैं कि दो वक्त की रोटी और सिर्फ दैनिक मूलभूत आवश्यकताओं के निदान थोड़ा आसान हो जाता हैं। लेकिन ये नॉकरी करने वाले ये क्यो नही सोचते कि नॉकरी करने वाले सिर्फ नोकर हैं। मालिक नही। कोई भी अदब और रुतबे वाला समाज का व्यक्ति नॉकरी नही करता। कारण गुलामी सिर्फ छोटी बुद्धि वाले करते हैं। हालात के थपेड़े कमजोर क्या खाएंगे। जो प्राइवेट,खेती और व्यापार करने वाले समाज के बंधु हैं वो वास्तविक समाज के विकास पुरुष हैं।
  नॉकरी करने वाले समाज के लोग कभी समाज का हित नही कर पाएंगे। सिर्फ समाज मे दहेज और रूढ़िवादी रुतबा बनाना नॉकरी करने वाले सामाजिक लोगो का मुख्य कार्य हैं। 

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